15 septmber , Engineer's day moch gundon Vishva Saraiya
आधुनिक भारत के विश्वकर्मा कहे जानेवाले महान इंजीनियर डॉक्टर मोक्षा गुण्डम विश्वेशरैया के जन्म दिवस 15 सितम्बर को भारत में अभियंता या इंजीनियर डे के रूप में मनाते है।
÷इनका जन्म 15 सितम्बर 1860 को कर्नाटक के मैसूर के चिकबल्लापुर में हुआ था।
÷इनकी मृत्यु 14 अप्रैल 1962 को हुई।
÷ 101 वर्ष की लंबी अवधी तक जिंदगी की शानदार पारी खेलनेवाले विश्वेशरेया ने कई महत्वपूर्ण कार्य कर देश को गौरवान्वित किया।
÷ मैसूर के वाडियार राजवंश से सम्बंधित होने के बावजूद सादगी को अपने जीवन का आधार बनाया ।
÷इन्होंने मैसूर के दीवान के रूप में कई महत्वपूर्ण कार्य किये ।
÷मैसूर में कावेरी नदी के तट पर " कृष्णा सागर बांध "" का निर्माण करवाया ।
÷कर्नाटक के भद्रावती में भद्रावती लौह इस्पात उद्योग स्थापित किया जिसे अभी "" विश्वेसरया लौह इस्पात उद्योग कहते है।
÷ 1934 में भारत के लिए एक योजना बनाई एवम् एक पुस्तक में इस योजना का उल्लेख किया "" द प्लांड इकॉनमी फॉर इंडिया "" की रचना की ।
÷फ्लड प्रोटेक्शन सिस्टम की शुरुवात की ।1903 में पहली बार महाराष्ट्र के पूना में स्थित खरागवासला से शुरुवात की थी।इसके तहत् इन्होंने बाढ़ गेट स्टील का निर्माण किया था।
÷1955 में इनके योगदानों को देखते हुए भारत सरकार ने इन्हें सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया।
÷इन्हे आधुनिक मैसूर का पिता कहा जाता है।
÷कर्नाटक के बेलगाँव में विस्वेशर्या टेक्निकल यूनिवर्सिटी है।
÷कर्नाटक की राजधानी बंगलुरु में इनके नाम पर कई इंजीनियरिंग कॉलेज मौजूद है।
÷** इस महान इंजीनियर एवम् प्रतिभावान राष्ट्रभक्त को शत् शत् नमन ।।*********************************
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